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Mobile Ban Village: इस गांव में लागू नहीं होता संविधान, मोबाइल सहित बिल्कुल बैन है ये चीजें

Satyakhabarindia

Mobile Ban Village: पाकिस्तान के Punjab प्रांत में बसे अंसार मीणा गांव (Ansar Meena Village) का नाम आज दुनियाभर में गूंज रहा है। ये कोई आम गांव नहीं बल्कि एक ऐसा गांव है जहां Pakistan का संविधान नहीं बल्कि गांव वालों का खुद का बनाया हुआ सिस्टम चलता है। जी हां इस गांव की खासियत यही है कि यहां का हर नियम हर कानून गांव की local पंचायत और बुज़ुर्गों द्वारा तय किया गया है।

अंसार मीणा गांव न सिर्फ Punjab Pakistan में बल्कि अब International मीडिया में भी सुर्खियों में आ चुका है। इस गांव की नीतियाँ बताती हैं कि अगर इरादा मजबूत हो और समाज में सुधार की इच्छा हो तो किसी भी देश के कानून से परे जाकर भी एक बेहतर और अनुशासित समाज खड़ा किया जा सकता है।

खुद का संविधान

अंसार मीणा गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां का administration पूरी तरह गांव के बुजुर्गों और स्थानीय नेताओं के हाथ में है। यहां हर छोटे-बड़े मसले पर ग्राम सभा (Village Council) का निर्णय अंतिम होता है।

गांव ने एक स्वरूपित संविधान (custom constitution) बना रखा है जिसमें सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक नियमों को बहुत सख्ती से लागू किया जाता है। यहां दहेज प्रथा (Dowry System) पर पूर्ण रूप से बैन है। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ गांव स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

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युवाओं के लिए स्मार्टफोन पर बैन

आज की दुनिया में जहां smartphone बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है वहीं अंसार मीणा गांव में युवाओं के लिए स्मार्टफोन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक है। इसका मकसद है कि बच्चे और युवा अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दें।

गांव की पंचायत का मानना है कि मोबाइल और social media apps जैसे (Instagram) (Facebook) और (TikTok) युवाओं का ध्यान भटकाते हैं और उनके समय और मानसिक ऊर्जा को खराब करते हैं। यही वजह है कि यहां युवाओं के लिए एक digital discipline लागू किया गया है।

शादी-ब्याह में नहीं होती फिजूलखर्ची

अंसार मीणा गांव में शादी या किसी अन्य समारोह में फिजूलखर्ची की कोई जगह नहीं है। यहां का नियम है कि हर शादी सादगी से की जाए ताकि समाज में आर्थिक असमानता ना बढ़े।

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गांव का मानना है कि शादी एक सामाजिक बंधन है ना कि दिखावे का ज़रिया। ऐसे नियमों से जहां समाज में economic equality बनी रहती है वहीं इससे गरीब और अमीर के बीच की खाई भी कम होती है।

नशा मुक्त गांव

गांव में एक और सख्त नियम है – नशे (drugs/alcohol) पर पूरी तरह से रोक। युवाओं के लिए ये सबसे बड़ा नियम माना जाता है। अगर कोई भी युवा शराब या नशे का सेवन करता है तो उसे कड़ी सजा दी जाती है।

यह नियम इसीलिए बनाया गया है ताकि गांव की युवा पीढ़ी स्वस्थ रहे और वह अपने जीवन को सही दिशा में ले जा सके। गांव का पूरा फोकस है – स्वस्थ युवा मजबूत समाज।

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आजकल शादियों या खुशी के मौकों पर aerial firing का चलन बढ़ता जा रहा है जिससे कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। लेकिन अंसार मीणा गांव में इस पर पूरी तरह से रोक है।

गांव की पंचायत का मानना है कि खुशी मनाने के और भी तरीके हो सकते हैं लेकिन किसी भी तरह की हिंसा या दिखावे की परंपरा को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।

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